Suche
  • TIPP: Nutze die Suche, um bestimmte Verse zu finden.
  • z. B.: die Eingabe 01-21 bringt dir 1. Kapitel, 21 Vers.
Suche Menü
Kapitel
Vers
Schrift öffnen

04-12 Devanagari Bhagavad Gita 4. Kapitel 12. Vers

काङ्क्षन्तः कर्मणां सिद्धिं यजन्त इह देवताः |
क्षिप्रं हि मानुषे लोके सिद्धिर्भवति कर्मजा || ४ १२ ||काङ्क्षन्तः कर्मणां सिद्धिं यजन्त इह देवताः | क्षिप्रं हि मानुषे लोके सिद्धिर्भवति कर्मजा || ४ १२ ||

Schreibe einen Kommentar

Pflichtfelder sind mit * markiert.