Suche
  • TIPP: Nutze die Suche, um bestimmte Verse zu finden.
  • z. B.: die Eingabe 01-21 bringt dir 1. Kapitel, 21 Vers.
Suche Menü
Kapitel
Vers
Schrift öffnen

08-01 Devanagari Bhagavad Gita 8. Kapitel 1. Vers

अर्जुन उवाच |

किं तद् ब्रह्म किमध्यात्मं किं कर्म पुरुषोत्तम |
अधिभूतं च किं प्रोक्तमधिदैवं किमुच्यते || ८ १ ||अर्जुन उवाच |  किं तद् ब्रह्म किमध्यात्मं किं कर्म पुरुषोत्तम | अधिभूतं च किं प्रोक्तमधिदैवं किमुच्यते || ८ १ ||

Schreibe einen Kommentar

Pflichtfelder sind mit * markiert.